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डिजिटल मीडिया नियमों के उल्लंघन पर पत्रकार जितेंद्र टंडन ने उठाए सवाल, प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग

लुधियाना/चंडीगढ़ | रिपोर्ट: अमित अरोड़ा:- वरिष्ठ पत्रकार जितेंद्र टंडन ने पंजाब में बिना किसी वैध रजिस्ट्रेशन और सरकारी मानकों के संचालित हो रहे डिजिटल न्यूज़ चैनलों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि राज्य में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा लागू डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड 2021 के नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है।

जितेंद्र टंडन के अनुसार, पंजाब में बड़ी संख्या में यूट्यूब और फेसबुक आधारित डिजिटल न्यूज़ चैनल बिना किसी कानूनी मान्यता के संचालित हो रहे हैं, जो न केवल पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन कर रहे हैं, बल्कि आम जनता को गुमराह भी कर रहे हैं।

DPRO की भूमिका पर उठे सवाल

पत्रकार जितेंद्र टंडन ने इस मुद्दे पर पंजाब के जिला जनसंपर्क अधिकारियों (DPRO) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि बिना किसी सेल्फ रेगुलेटरी बॉडी (SRB) से प्रमाणित हुए डिजिटल वेब चैनलों को समाचार प्रकाशित करने की अनुमति आखिर किस आधार पर दी जा रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में DPRO द्वारा ऐसे अनलिस्टेड डिजिटल चैनलों से पत्र लेना, मंत्रालय की स्पष्ट गाइडलाइंस का सीधा उल्लंघन है।

“पंजाब की सुरक्षा के लिए बन सकता है खतरा”

जितेंद्र टंडन ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है, जहां गलत या भ्रामक खबरें जानबूझकर या अनजाने में राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं।

उन्होंने कहा,
“कई डिजिटल चैनल बिना किसी जवाबदेही के कंटेंट प्रसारित कर रहे हैं। यदि कोई चैनल भारत सरकार के नियमों के तहत रजिस्टर्ड नहीं है, तो उसे न्यूज़ चैनल के नाम पर प्रोपेगेंडा फैलाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।”

सरकार से सर्कुलर जारी करने की मांग

पत्रकार जितेंद्र टंडन ने सरकार से निम्नलिखित ठोस कदम उठाने की मांग की है:

  • पंजाब सरकार और संबंधित विभाग तुरंत एक स्पष्ट सर्कुलर जारी करें, जिसमें यह निर्देश हो कि केवल वही डिजिटल न्यूज़ चैनल संचालित किए जाएं जो सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के साथ विधिवत रूप से सूचीबद्ध हों।
  • जिला जनसंपर्क अधिकारियों (DPRO) को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएं कि किसी भी डिजिटल वेब चैनल को मान्यता देने से पहले उसकी SRB रजिस्ट्रेशन और सदस्यता की पूरी जांच की जाए।
  • गैर-कानूनी और बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे डिजिटल चैनलों पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए, ताकि पत्रकारिता के मानकों की रक्षा की जा सके।

डिजिटल मीडिया में पारदर्शिता जरूरी

अपने बयान के अंत में जितेंद्र टंडन ने कहा कि आज डिजिटल मीडिया लोगों की पहली पसंद बन चुका है, ऐसे में इसमें पारदर्शिता, जिम्मेदारी और नैतिकता बेहद जरूरी है, ताकि समाज में गलत सूचना और भ्रम फैलने से रोका जा सके।

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