शहरों में हरियाली की ओर बढ़ता भारत: पर्यावरण संरक्षण को लेकर नई पहल तेज
नई दिल्ली। देशभर में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और प्रदूषण के बीच अब पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को लेकर सरकारी व सामाजिक स्तर पर नई ऊर्जा दिखाई दे रही है। केंद्र और राज्य सरकारों के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन द्वारा शहरों में वृक्षारोपण, हरित पट्टियों के विकास और स्वच्छ वातावरण को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।
हाल के दिनों में कई शहरों में सार्वजनिक पार्कों, सड़क किनारों, स्कूल परिसरों और सरकारी भूमि पर बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया गया है। इसका उद्देश्य केवल हरियाली बढ़ाना ही नहीं, बल्कि वायु गुणवत्ता सुधारना, तापमान संतुलन बनाए रखना और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण देना है।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि अब वृक्षारोपण अभियानों में केवल पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि उनकी देखरेख और जीवितता सुनिश्चित करना भी प्राथमिकता में शामिल किया गया है। इसके लिए स्थानीय निकायों को नियमित निगरानी और रख-रखाव के निर्देश दिए गए हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में हरियाली बढ़ने से न केवल प्रदूषण कम होता है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य, जल संरक्षण और जैव विविधता को भी लाभ मिलता है। यही कारण है कि अब नागरिकों को भी इन अभियानों से जोड़ा जा रहा है, ताकि पर्यावरण संरक्षण एक सामूहिक जिम्मेदारी बन सके।
स्थानीय लोगों में भी इन प्रयासों को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। सामाजिक संगठनों, युवाओं और विद्यार्थियों की भागीदारी से यह स्पष्ट है कि हरित भारत का सपना अब जन आंदोलन का रूप ले रहा है।
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही गति बनी रही, तो आने वाले वर्षों में भारतीय शहर न केवल विकास के प्रतीक बनेंगे, बल्कि स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली का उदाहरण भी प्रस्तुत करेंगे।

