Renatus Wellness का Kadhaayu बना चर्चा का विषय — जानिए इस हर्बल काढ़े के स्वास्थ्य लाभ
नई दिल्ली, 9 नवंबर (हेल्थ डेस्क, द फ्रीवे ईगल): बदलते मौसम और कमजोर इम्युनिटी के बीच लोगों में स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। इसी बीच, Renatus Wellness का हर्बल उत्पाद “Kadhaayu” इन दिनों बाजार में काफी चर्चा में है। यह पारंपरिक भारतीय जड़ी-बूटियों से तैयार किया गया काढ़ा शरीर की प्राकृतिक प्रतिरक्षा शक्ति (इम्युनिटी) बढ़ाने में सहायक माना जा रहा है।
कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट www.renatuswellness.net के अनुसार, Kadhaayu में 18 प्रकार की औषधीय जड़ी-बूटियाँ शामिल हैं, जिनमें अमला, अश्वगंधा, गिलोय, तुलसी, दालचीनी, सौंठ और हल्दी जैसी प्रमुख आयुर्वेदिक सामग्री मौजूद हैं। इन सभी का उद्देश्य शरीर को भीतर से मजबूत बनाना और मौसमी बीमारियों से सुरक्षा देना है।
🌿 कैसे काम करता है Kadhaayu
Renatus Wellness के विशेषज्ञों के अनुसार, Kadhaayu शरीर में एंटीऑक्सिडेंट स्तर को संतुलित रखने में मदद करता है, जिससे फ्री-रेडिकल्स से होने वाले नुकसान को रोका जा सकता है।
इसके नियमित सेवन से —
- प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है,
- पाचन तंत्र सक्रिय रहता है,
- और थकान, सर्दी-जुकाम जैसी आम समस्याओं से राहत मिल सकती है।
इसके साथ ही Kadhaayu में मौजूद अश्वगंधा और तुलसी तनाव कम करने में मददगार बताई गई हैं, जबकि अमला और हल्दी त्वचा एवं लिवर स्वास्थ्य को समर्थन देती हैं।
🧪 विशेषज्ञों की राय
आयुर्वेद विशेषज्ञों का कहना है कि Kadhaayu जैसे उत्पाद पारंपरिक “घर के काढ़े” को वैज्ञानिक रूप में प्रस्तुत करते हैं। इन जड़ी-बूटियों का संयोजन शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को प्राकृतिक तरीके से बढ़ाने में प्रभावी है।
हालाँकि, विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि किसी भी सप्लीमेंट का सेवन चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही किया जाना चाहिए।
☕ सेवन का तरीका और उपलब्धता
Kadhaayu को सैशे (सैशे पाउडर) के रूप में बाजार में उपलब्ध कराया गया है। इसे गर्म पानी में मिलाकर सुबह या शाम पीने की सलाह दी जाती है।
उत्पाद फिलहाल Renatus Wellness की वेबसाइट और अधिकृत वितरकों के माध्यम से खरीदा जा सकता है।
🌱 प्राकृतिक जीवनशैली की ओर कदम
Renatus Wellness ने Kadhaayu को सिर्फ एक उत्पाद के रूप में नहीं, बल्कि एक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान के रूप में भी प्रचारित किया है। कंपनी का मानना है कि आधुनिक जीवनशैली में प्राकृतिक और हर्बल तत्वों को शामिल करना भविष्य की आवश्यकता है।

