होशियारपुर, पंजाब | 4 मई 2026 | रिपोर्टर: नरेंद्र चावला:- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने SGPC और अकाल तख्त से जुड़े विवाद पर बड़ा बयान देते हुए कई अहम सवाल उठाए हैं। उन्होंने जत्थेदार द्वारा पंजाब विधानसभा के स्पीकर को अकाल तख्त साहिब पर तलब करने के फैसले की कड़ी आलोचना की।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि अगर सरकार ने कानून बना दिया है, तो उसका स्वागत किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा, “अब कहा जा रहा है कि SGPC से पूछे बिना कानून बना दिया गया, जबकि पहले इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई गई थी।”
उन्होंने आगे कहा कि स्पीकर को अकाल तख्त साहिब पर तलब करना एक गंभीर मामला है और इस पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
सीएम मान ने SGPC के कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि एक ही परिवार ने संस्था को दबा कर रखा हुआ है। उन्होंने कहा, “SGPC का प्रधान खुद को सुखबीर का सिपाही बताता है, जिससे संस्था की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।”
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उन्हें गुरु साहिब द्वारा सेवा करने का अवसर मिला है और वे सिख परंपराओं का हमेशा सम्मान करते हैं।
इस बयान के बाद पंजाब की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है।




