चंडीगढ़, 16 जून (नरेंद्र चावला)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को श्री अकाल तख्त साहिब के साथ किसी भी प्रकार के टकराव से बचने की सलाह देते हुए कहा कि इतिहास गवाह है कि जिन्होंने भी अकाल तख्त साहिब से टकराव किया, उनका राजनीतिक और सामाजिक अस्तित्व लंबे समय तक नहीं टिक पाया।
चंडीगढ़ में कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल के कई नेताओं के भाजपा में शामिल होने के अवसर पर मीडिया से बातचीत करते हुए ढिल्लों ने कहा कि भगवंत मान को अकाल तख्त साहिब के फैसले के खिलाफ बयानबाजी करने या टकरावपूर्ण रवैया अपनाने के बजाय एक सच्चे सिख के रूप में अपनी गलती स्वीकार करनी चाहिए और पंथ से माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष उपस्थित होकर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और धार्मिक मर्यादाओं का सम्मान करना चाहिए। ढिल्लों ने यह भी कहा कि पंजाब की जनता और सिख समुदाय अकाल तख्त साहिब को सर्वोच्च धार्मिक संस्था मानता है, इसलिए उसके आदेशों और निर्णयों का सम्मान किया जाना चाहिए।
भगवंत मान से संपर्क न रखने की अपील
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पंजाब सरकार के नानक नाम लेवा मंत्रियों, आईएएस अधिकारियों तथा अन्य सरकारी कर्मचारियों से अपील की कि जब तक श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा भगवंत मान को माफ नहीं किया जाता, तब तक वे अकाल तख्त साहिब के निर्देशों का पालन करते हुए मुख्यमंत्री के साथ किसी भी प्रकार की बैठक, बातचीत या अन्य संपर्क से परहेज करें।
वीडियो विवाद पर भी साधा निशाना
एक सवाल के जवाब में, जिसमें भगवंत मान द्वारा संबंधित वीडियो को अपना न होने का दावा किया गया था, केवल सिंह ढिल्लों ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “क्या कोई चोर खुद स्वीकार करता है कि उसने चोरी की है?” उन्होंने कहा कि जनता सच्चाई को अच्छी तरह समझती है और तथ्यों को छिपाया नहीं जा सकता।
अकाली दल और कांग्रेस के नेता भाजपा में शामिल
इस अवसर पर शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पटियाला से चार बार पार्षद रह चुके सुखविंदर पाल सिंह मिंटा तथा उनकी पत्नी हरप्रीत कौर भाजपा में शामिल हो गए। दोनों नेता दो-दो बार पार्षद रह चुके हैं। मिंटा वर्तमान में शिरोमणि अकाली दल के राज्य पीएसी सदस्य के रूप में भी कार्यरत हैं।
इसके अलावा वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं पूर्व मंत्री गुरबिंदर सिंह अटवाल के पुत्र राजपाल अटवाल ने भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। गुरबिंदर सिंह अटवाल पंजाब सरकार में मंत्री रह चुके हैं और नूरमहल विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक चुने गए थे।
पंजाब की राजनीति में बढ़ती हलचल
अकाली दल और कांग्रेस के नेताओं का भाजपा में शामिल होना पंजाब की राजनीति में नए समीकरणों की ओर संकेत माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए विभिन्न दलों के नेताओं का पार्टी बदलना राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है।




