मोहाली/कपूरथला, 23 अगस्त 2026: पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देते हुए संत निरंकारी मिशन ने ‘वननेस वन—प्रकृति के साथ सद्भावना’ अभियान के छठे चरण के तहत देशभर में व्यापक पौधारोपण अभियान चलाया। 23 अगस्त को ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के 630 स्थानों पर एक साथ आयोजित अभियान में करीब 10 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य पूरा किया गया।
इस अभियान की प्रेरणा संत निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी का संदेश “प्रदूषण अंदर हो या बाहर, दोनों ही खतरनाक हैं” है। मिशन के अनुसार, पर्यावरण संरक्षण केवल पेड़ लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति के साथ संतुलित और जिम्मेदार जीवनशैली अपनाना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।
मोहाली में टी.डी.आई. सिटी पार्क में अभियान
मोहाली के टी.डी.आई. सिटी पार्क में संत निरंकारी मंडल के सेंट्रल प्लानिंग एंड एडवाइजरी बोर्ड के वाइस चेयरमैन श्री एच. एस. चावला जी ने पौधा लगाकर अभियान का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का आयोजन संत निरंकारी मिशन की मोहाली फेज-6 और टी.डी.आई. सिटी शाखाओं द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
इस अवसर पर टी.डी.आई. शाखा के मुखी श्री गुरप्रताप सिंह जी तथा मोहाली फेज-6 शाखा के इंचार्ज श्री गुलशन लूथरा जी सहित साधसंगत और सेवादार मौजूद रहे। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए अधिक से अधिक लोगों को पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संदेश दिया।
कपूरथला में पौधारोपण के साथ पुराने मिनी जंगल की देखभाल
कपूरथला में शालीमार बाग में संत निरंकारी मिशन के श्रद्धालुओं और सेवादारों ने पौधारोपण किया। इसके साथ ही करीब चार वर्ष पहले मिशन द्वारा लगाए गए मिनी जंगल की सफाई और देखभाल भी की गई।
संत निरंकारी मिशन कपूरथला जोन के जोनल इंचार्ज श्री गुलशन लाल आहूजा और क्षेत्रीय संचालक डॉ. सुदर्शन कुमार ने बताया कि पहले लगाए गए पौधे अब पेड़ों का रूप ले चुके हैं। बारिश के मौसम में बढ़ी घास-फूस को हटाकर क्षेत्र की सफाई की गई, जिससे पौधों की बेहतर देखभाल सुनिश्चित की जा सके।
350 मिनी जंगल और 600 से अधिक ‘वननेस वन’ स्थल
मिशन के अनुसार, ‘वननेस वन’ अभियान की शुरुआत अगस्त 2021 में सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी के आशीर्वाद से हुई थी। इसका उद्देश्य उपेक्षित स्थानों को हरित क्षेत्रों और मिनी फॉरेस्ट में बदलना तथा पौधों की लंबे समय तक देखभाल करना है।
अब तक देश के विभिन्न हिस्सों में लगभग 350 मिनी जंगल/वृक्ष समूह विकसित किए जा चुके हैं और 600 से अधिक ‘वननेस वन’ स्थलों पर पौधों की देखभाल की जा रही है।
इस अभियान की खासियत यह है कि पौधे लगाने के बाद उनकी जिम्मेदारी समाप्त नहीं होती। मिशन द्वारा प्रत्येक पौधे की 3 से 5 वर्षों तक निरंतर देखभाल करने का संकल्प लिया गया है, ताकि पौधे विकसित होकर घने छोटे जंगलों का रूप ले सकें, जैव-विविधता को बढ़ावा मिले और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत हो।
पौधारोपण से आगे पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव के बीच ‘वननेस वन’ अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ सामाजिक भागीदारी का संदेश दे रहा है। मोहाली और कपूरथला में आयोजित गतिविधियों ने भी यही संदेश दिया कि पौधा लगाना पहला कदम है, लेकिन उसे वृक्ष बनने तक संभालना वास्तविक पर्यावरण सेवा है।
संत निरंकारी मिशन का यह अभियान लोगों को प्रकृति के साथ सद्भाव, जिम्मेदारी और सह-अस्तित्व की भावना अपनाने के लिए प्रेरित करता है।




