अमृतसर, 26 अगस्त 2026। विकसित भारत प्रोजेक्ट ए.आई., भारत सरकार के चेयरमैन गुरपाल सिंह ने बुधवार को जिला अमृतसर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने डिप्टी कमिश्नर दलविंदरजीत सिंह, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (विकास) सुरिंदर सिंह और जिला शिक्षा अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े कार्यक्रमों की प्रगति और क्रियान्वयन की समीक्षा की।
बैठक के दौरान चेयरमैन गुरपाल सिंह ने कहा कि अगले एक वर्ष में कम से कम एक करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि AI बच्चों के भविष्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है और पंजाब को AI की हब बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
स्कूलों में लागू होगा AI शिक्षा कार्यक्रम
चेयरमैन ने ‘स्किलिंग फॉर AI रेडीनेस’ कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि इसे जिले के सभी स्कूलों में सुचारू और प्रभावी तरीके से लागू किया जाना चाहिए। अधिकारियों को कार्यक्रम के क्रियान्वयन में अनावश्यक रुकावट नहीं आने देने और निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार काम करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग को कक्षा 6वीं से 12वीं तक के सरकारी और निजी स्कूलों के विद्यार्थियों की आवश्यक जानकारी पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्कूल प्रमुखों के साथ AI के विभिन्न टूल्स और तकनीकों को लेकर जानकारी साझा की जा रही है। इनमें ChatGPT, Grok, Meta, Gemini और Instagram जैसे प्लेटफॉर्म शामिल हैं।
विद्यार्थियों को AI डेवलपर बनाने पर जोर
गुरपाल सिंह ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को AI का इस्तेमाल सिखाना नहीं है, बल्कि उन्हें भविष्य के AI डेवलपर के रूप में तैयार करना है। विद्यार्थियों को AI आधारित टूल्स विकसित करने की क्षमता देने और AI से जुड़ी सुविधाओं व सीखने के अवसरों को प्रत्येक विद्यार्थी तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों और शिक्षा विभाग से AI शिक्षा से जुड़े कार्यक्रमों को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे पंजाब के विद्यार्थी नई तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ सकेंगे और देश के डिजिटल एवं तकनीकी विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे।
रिपोर्ट: डॉक्टर गौरव कुमार
Probationary District Correspondent (Stringer), The Freeway Eagle




