HomePunjabब्रह्मज्ञान ही मानव जीवन का मुख्य उद्देश्य

ब्रह्मज्ञान ही मानव जीवन का मुख्य उद्देश्य

मनीमाजरा, 30 अगस्त। संत निरंकारी सत्संग भवन, मौली जागरां, ब्रांच मनीमाजरा में जोन नंबर-2 का इंग्लिश मीडियम समागम आयोजित किया गया। समागम की अध्यक्षता सोलन जोन के जोनल इंचार्ज श्री विवेक कालिया जी ने विशेष रूप से की।

समागम में चंडीगढ़, मोहाली, टीडीआई सिटी, खरड़, रोपड़, लालड़ू, पंचकूला, कालका और रायपुर रानी सहित विभिन्न स्थानों से श्रद्धालुओं ने पहुंचकर सहभागिता की। इस दौरान इंग्लिश भाषा के माध्यम से लघु नाटिकाओं, गीतों एवं आध्यात्मिक विचारों द्वारा सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की शिक्षाओं और पावन संदेश को जन-जन तक पहुंचाया गया।

ब्रह्मज्ञान से ही परमात्मा की प्राप्ति संभव

सत्संग में सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज का संदेश देते हुए श्री विवेक कालिया जी ने कहा कि ब्रह्मज्ञान के माध्यम से ही प्रभु परमात्मा की प्राप्ति संभव है। सत्संग, सेवा और सिमरन के माध्यम से मनुष्य अपने जीवन के वास्तविक लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की कृपा से सच्चे जिज्ञासु को ब्रह्मज्ञान सहज रूप से प्राप्त हो रहा है।

संत कबीर जी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने भी अपने गुरु रामानंद जी से ब्रह्मज्ञान प्राप्त किया था। ब्रह्मज्ञान की प्राप्ति में जाति, रंग अथवा किसी भी प्रकार के भेदभाव का कोई स्थान नहीं है। इसके लिए मन में प्रभु को जानने की सच्ची जिज्ञासा होना आवश्यक है।

सत्संग में मन की एकाग्रता जरूरी

श्री विवेक कालिया जी ने सत्संग के दौरान मन की एकाग्रता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कई बार विचारों या गीतों की पुनरावृत्ति होने पर हमें लगता है कि ये बातें हम पहले भी सुन चुके हैं और हमारा मन दूसरे विचारों की ओर चला जाता है।

मोबाइल पर रील देखने का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पांच मिनट की रील देखते-देखते एक घंटा बीत जाता है, उसी प्रकार यदि हम कुछ समय के लिए सत्संग से अपना मन हटा लेते हैं तो काफी समय बीत जाता है। इसलिए सत्संग के दौरान मन को एकाग्र रखते हुए गुरु के चरणों और उनके विचारों से जोड़ना आवश्यक है।

प्रभु की प्राप्ति होना ही मानव जीवन का लक्ष्य

उन्होंने कहा कि सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के अनुसार मानव जीवन प्रभु परमात्मा की प्राप्ति के लिए मिला है, केवल सांसारिक सुख-सुविधाएं अर्जित करने के लिए नहीं। इसलिए प्रत्येक मनुष्य का लक्ष्य ब्रह्मज्ञान प्राप्त करना और सतगुरु द्वारा दिखाए गए मार्ग पर जीवन व्यतीत करना होना चाहिए।

समागम के अवसर पर चंडीगढ़ जोन के जोनल इंचार्ज श्री ओ.पी. निरंकारी जी ने सोलन जोन के जोनल इंचार्ज श्री विवेक कालिया जी का अभिनंदन एवं शुक्रिया किया। साथ ही विभिन्न स्थानों से पहुंचे संयोजकों, मुखी महात्माओं, बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं तथा स्थानीय मुखी एवं कार्यकर्ताओं का भी आभार व्यक्त किया।

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