अमृतसर, 3 सितंबर 2026 | डॉ. गौरव कुमार। अमृतसर सहित पंजाब के कई जिलों में निजी स्कूलों और कॉलेजों की बसें चलाने वाले ऑपरेटरों ने राज्य सरकार द्वारा लागू किए जा रहे नए सुरक्षा नियमों के विरोध में हड़ताल शुरू कर दी है। बस ऑपरेटरों का कहना है कि नए सुरक्षा मानकों को तत्काल लागू करने से उनके संचालन और रखरखाव का खर्च काफी बढ़ जाएगा।
सरकार की ओर से विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूल और कॉलेज बसों के लिए कई महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रावधानों पर जोर दिया जा रहा है। इनमें बसों में गद्देदार और सुरक्षित सीटें, जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम तथा निर्धारित सीट क्षमता के अनुसार विद्यार्थियों को बैठाना प्रमुख हैं।
ओवरलोडिंग रोकने पर सरकार का जोर
स्कूल और कॉलेज बसों में ओवरलोडिंग रोकने के नियम को विद्यार्थियों की सड़क सुरक्षा से सीधे जोड़कर देखा जा रहा है। निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बस में बैठाने से दुर्घटना की स्थिति में जोखिम बढ़ सकता है। इसी वजह से सरकार बसों में केवल स्वीकृत सीट क्षमता के अनुसार ही विद्यार्थियों को बैठाने पर जोर दे रही है।
बस ऑपरेटरों ने जताई आर्थिक चिंता
वहीं निजी बस ऑपरेटरों का कहना है कि गद्देदार सीटों की व्यवस्था, जीपीएस सिस्टम लगाने और अन्य सुरक्षा मानकों को तुरंत लागू करने से उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उनका कहना है कि पहले से बढ़ते ईंधन, रखरखाव और संचालन खर्च के बीच नए नियमों को तुरंत लागू करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण है।
बस ऑपरेटरों ने सरकार से मांग की है कि नए सुरक्षा नियमों को लागू करने के लिए उन्हें पर्याप्त समय दिया जाए। साथ ही उन्होंने सरकार से अपनी व्यावहारिक और आर्थिक समस्याओं पर भी विचार करने की अपील की है।
विद्यार्थियों की सुरक्षा सबसे अहम
हालांकि, विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए बच्चों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है। ऐसे में सरकार द्वारा तय किए जा रहे सुरक्षा मानकों और बस ऑपरेटरों की आर्थिक चिंताओं के बीच संतुलित समाधान निकालना जरूरी माना जा रहा है।
हड़ताल के कारण अमृतसर सहित पंजाब के कई क्षेत्रों में स्कूल और कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों तथा उनके अभिभावकों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
फिलहाल सभी की नजर सरकार और निजी स्कूल-कॉलेज बस ऑपरेटरों के बीच होने वाली बातचीत तथा इस विवाद के संभावित समाधान पर बनी हुई है।




