HomePunjabपंजाब में नशे के खिलाफ ठोस कार्रवाई जरूरी: एडवोकेट गुरप्रीत सिंह राणा

पंजाब में नशे के खिलाफ ठोस कार्रवाई जरूरी: एडवोकेट गुरप्रीत सिंह राणा

लुधियाना, पंजाब | रिपोर्टर: अमित अरोड़ा

पंजाब में नशे की बढ़ती समस्या और इससे प्रभावित हो रहे परिवारों की स्थिति चिंताजनक है। नशे की लत के कारण कई परिवार मानसिक, सामाजिक और आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में युवाओं को नशे के जाल से बाहर निकालना और उनका भविष्य सुरक्षित करना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। यह बात एडवोकेट गुरप्रीत सिंह राणा ने कही।

एडवोकेट गुरप्रीत सिंह राणा ने कहा कि नशे का खात्मा करना सरकार और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। केवल घोषणाओं और दावों से इस गंभीर समस्या का समाधान संभव नहीं है। इसके लिए लगातार, निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई करना जरूरी है।

नशा तस्करों के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई

उन्होंने कहा कि नशा बेचने वालों और नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके साथ ही नशे की सप्लाई के स्रोतों को बंद करने और तस्करी के नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि युवाओं को रोजगार, शिक्षा और खेल गतिविधियों से जोड़ना भी जरूरी है, ताकि वे सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ सकें। वहीं, नशे की लत से प्रभावित लोगों के लिए बेहतर इलाज, काउंसलिंग और पुनर्वास की सुविधाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए।

नशे के खिलाफ समाज की भागीदारी भी जरूरी

एडवोकेट राणा ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। परिवारों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों को भी इस अभियान में सहयोग देना चाहिए। हालांकि, नशे की रोकथाम, तस्करी के खिलाफ कार्रवाई और प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मुख्य जिम्मेदारी सरकार तथा संबंधित एजेंसियों की है।

सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग

उन्होंने सरकार से मांग की कि नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की नियमित समीक्षा की जाए और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। इसके अलावा नशे से प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए भी ठोस योजनाएं लागू की जानी चाहिए, ताकि जरूरतमंद लोगों को समय पर मदद मिल सके।

अंत में एडवोकेट गुरप्रीत सिंह राणा ने कहा कि पंजाब की युवा पीढ़ी को बचाना केवल एक नारा नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी है। सरकार को इस दिशा में गंभीरता से काम करना चाहिए, ताकि पंजाब को नशामुक्त बनाने और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित करने के लक्ष्य की ओर प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा जा सके।

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