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गेंहू की नमी मानदंडों में ढील न देने के लिए CM मान जिम्मेदार, किसान परेशान: सुखबीर सिंह बादल

खन्ना अनाज मंडी का दौरा कर किसानों की समस्याएं सुनीं

खन्ना, 16 अप्रैल | रिपोर्टर: नितिन मनोचा | The Freeway Eagle:-शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर गेंहू की खरीद को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि गेंहू की नमी के मानदंडों में समय पर ढील न देने के कारण किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और उनकी फसल की खरीद नहीं हो पा रही है।

खन्ना की एशिया की सबसे बड़ी अनाज मंडी का दौरा करने पहुंचे बादल ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि मुख्यमंत्री तब जागे जब हरियाणा और राजस्थान पहले ही नमी मानकों में छूट हासिल कर चुके थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने इस छूट के लिए देर से आवेदन किया, जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।

सुखबीर सिंह बादल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की आलोचना करते हुए कहा कि जब उन्हें मंडियों में जाकर खरीद प्रक्रिया की निगरानी करनी चाहिए, तब वे छुट्टियां मनाने और विदेश यात्रा में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों को उनके हाल पर छोड़ दिया है।

उन्होंने आगे कहा कि किसानों को इस समय दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। पहले बारिश और ओलावृष्टि ने फसल को नुकसान पहुंचाया और अब अधिक नमी के कारण खरीद एजेंसियां गेंहू खरीदने से इनकार कर रही हैं।

मौके पर मौजूद किसान लाभ सिंह ने बताया कि मंडियों में कुल फसल का केवल 2 से 3 प्रतिशत ही खरीदा जा रहा है, जिससे किसानों में भारी नाराजगी है।

अकाली दल अध्यक्ष ने पार्टी के हलका इंचार्जों को निर्देश दिए कि वे मंडियों का दौरा कर सरकार पर दबाव बनाएं ताकि खरीद प्रक्रिया जल्द शुरू हो सके। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने इस सीजन के लिए पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण बोरों की व्यवस्था नहीं की है, जो एक संभावित घोटाले की ओर इशारा करता है।

परिसीमन के मुद्दे पर बोलते हुए सुखबीर बादल ने कहा कि यह केवल जनसंख्या के आधार पर नहीं होना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि सभी राज्यों में लोकसभा सीटों को समान प्रतिशत के आधार पर बढ़ाया जाना चाहिए, ताकि संघवाद की भावना बनी रहे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अकाली दल महिला आरक्षण के समर्थन में है, लेकिन इसका उपयोग मनमाने तरीके से सीटों में बदलाव के लिए नहीं होना चाहिए।

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