20 लाख की डील, 13 लाख बरामद, विजिलेंस प्रमुख का रीडर फरार
मोहाली/चंडीगढ़, 12 मई 2026 (नितिन | The Freeway Eagle):- पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब विजिलेंस ब्यूरो से जुड़े कथित रिश्वत कांड का खुलासा किया है। इस मामले में विजिलेंस प्रमुख शरद सत्य चौहान के रीडर पर गंभीर आरोप लगे हैं, जबकि एक कथित बिचौलिये को गिरफ्तार किया गया है। मामले में करीब 20 लाख रुपये की रिश्वत डील सामने आने से पूरे प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया है।
सूत्रों के मुताबिक, CBI ने मोहाली स्थित पंजाब विजिलेंस कार्यालय समेत कई स्थानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान एजेंसी ने लगभग 13 लाख रुपये नकद बरामद किए। बताया जा रहा है कि यह रकम एक बड़े होटल और उससे जुड़ी जमीन के मामले में राहत दिलाने के बदले ली जा रही थी।
जानकारी के अनुसार गिरफ्तार किए गए बिचौलिये की पहचान राघव गोयल के रूप में हुई है। वहीं विजिलेंस प्रमुख के रीडर पर रिश्वत डील कराने के आरोप लगे हैं, लेकिन वह फिलहाल फरार बताया जा रहा है। CBI की टीम उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए CBI अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। सूत्रों का दावा है कि पंजाब पुलिस और विजिलेंस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी एजेंसी के रडार पर हैं। जांच में कुछ और बड़े नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
इस कार्रवाई के बाद पंजाब के प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक गलियारों में भी इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। विपक्षी दलों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सरकार पर निशाना साधा है।
वहीं विजिलेंस प्रमुख शरद सत्य चौहान ने अपने ऊपर लगे आरोपों से दूरी बनाते हुए कहा कि उनके रीडर की किसी भी कथित गतिविधि से उनका कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि वे जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग देंगे।
फिलहाल CBI भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है। आने वाले दिनों में इस हाई प्रोफाइल रिश्वत कांड में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।




