जालंधर, 16 जून (हरमिंदर सिंह)। संत निरंकारी सत्संग भवन, लैदर कॉम्प्लेक्स, जालंधर में कपूरथला ज़ोन का ज़ोनल निरंकारी बाल समागम श्रद्धा, उत्साह और आध्यात्मिक वातावरण के बीच सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस अवसर पर कपूरथला ज़ोन की विभिन्न शाखाओं से पहुंचे सैकड़ों बच्चों ने भाग लेकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
समागम के दौरान बच्चों ने कव्वाली, कविताएं, स्किट, गीत और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से संत निरंकारी मिशन की शिक्षाओं तथा मानवीय मूल्यों का प्रभावशाली संदेश दिया। बच्चों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित साध-संगत को भाव-विभोर कर दिया तथा सभी ने उनकी प्रतिभा और आत्मविश्वास की सराहना की।
इस अवसर पर विशेष रूप से अमृतसर साहिब ज़ोन के जोनल इंचार्ज श्री राकेश सेठी ने सत्गुरु माता जी का पावन संदेश संगत के समक्ष रखा। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बच्चे समाज का अमूल्य अंग हैं और भविष्य के आदर्श समाज के निर्माता हैं। उन्होंने कहा कि परिवार में माता-पिता की भूमिका बच्चों के जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण होती है तथा उनके द्वारा दिए गए संस्कार ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखते हैं।
श्री सेठी ने कहा कि हम सभी सौभाग्यशाली हैं कि हमारे बच्चे निरंकारी मिशन की शिक्षाओं को अपनाकर नशों और बुरी आदतों से दूर रहते हुए एक श्रेष्ठ जीवन जी रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे संस्कारित बच्चे अपने उत्तम आचरण और कर्मों के माध्यम से समाज के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन रहे हैं।
समागम के दौरान बच्चों में जहां उत्साह और उमंग देखने को मिली, वहीं उनके अभिभावकों में भी सत्गुरु के प्रति कृतज्ञता और धन्यवाद का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। उपस्थित संगत ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रमों का भरपूर आनंद लिया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
संत निरंकारी मिशन ब्रांच जालंधर द्वारा समागम के लिए उत्कृष्ट प्रबंध किए गए थे। इस अवसर पर एक आकर्षक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों को नैतिक मूल्यों, सदाचार और सकारात्मक जीवन शैली के प्रति प्रेरित करने वाले मॉडल, चार्ट, खेल तथा अन्य शिक्षाप्रद सामग्री प्रदर्शित की गई।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर कपूरथला ज़ोन के जोनल इंचार्ज श्री गुलशन लाल आहूजा तथा संत निरंकारी मिशन ब्रांच जालंधर के संयोजक श्री गुरचरण सिंह ने सभी अतिथियों, प्रबंधकों, बच्चों एवं साध-संगत का हार्दिक स्वागत एवं धन्यवाद किया। उन्होंने समागम की सफलता में योगदान देने वाले सभी स्वयंसेवकों और सहयोगियों की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।
समागम का समापन आध्यात्मिक उल्लास, प्रेम, एकता और मानवता के संदेश के साथ हुआ। इस अवसर पर उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत प्रेरणादायक कार्यक्रमों की भूरि-भूरि प्रशंसा की।




