नई दिल्ली/मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आ सकता है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) यानी शिवसेना (यूबीटी) में संभावित टूट की खबरों ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पार्टी के कम से कम छह लोकसभा सांसद अलग समूह बनाने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, यदि छह सांसद अलग गुट बनाते हैं तो यह शिवसेना (यूबीटी) के लिए बड़ा झटका माना जाएगा। बताया जा रहा है कि यह घटनाक्रम महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चित “ऑपरेशन टाइगर” से जुड़ा हो सकता है, जिसके तहत उद्धव ठाकरे गुट के सांसदों को एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल कराने की कोशिशें की जा रही हैं।
संजय राउत का बड़ा आरोप
शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने दावा किया है कि उनकी पार्टी के सांसदों को पाला बदलने के लिए 15-15 करोड़ रुपये तक का ऑफर दिया जा रहा है। राउत ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए जनप्रतिनिधियों को धनबल के जरिए प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है और संबंधित पक्षों की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
उद्धव ठाकरे ने बुलाई बैठक
संभावित टूट की खबरों के बीच शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पार्टी सांसदों और विधायकों के साथ बैठकें शुरू कर दी हैं। पार्टी नेतृत्व लगातार यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि संगठन एकजुट है और किसी भी तरह की टूट की संभावना नहीं है।
इस बीच पार्टी सांसद अरविंद सावंत ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि यदि कोई अलग गुट पार्टी के नाम पर दावा करे तो उसे मान्यता न दी जाए।
महाराष्ट्र की राजनीति पर पड़ेगा असर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि शिवसेना (यूबीटी) के सांसद वास्तव में अलग गुट बनाते हैं तो इसका असर न केवल महाराष्ट्र की राजनीति बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन की रणनीति पर भी पड़ सकता है। फिलहाल सभी की नजरें आने वाले दिनों में होने वाली राजनीतिक बैठकों और संभावित घटनाक्रमों पर टिकी हैं।
(यह एक विकसित होती खबर है। आधिकारिक पुष्टि और आगे की जानकारी आने पर समाचार को अपडेट किया जाएगा।)




