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राजपुरा में निरंकारी बाल संत समागम, 36 शाखाओं के बच्चों ने दिखाई प्रतिभा

राजपुरा, 20 जून:- (सुशील कुमार सिंधी) सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की असीम कृपा से संत निरंकारी मिशन की शाखा राजपुरा में ज़ोनल स्तर के निरंकारी बाल संत समागम का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन पटियाला ज़ोन के ज़ोनल इंचार्ज डॉ. वी.सी. लूथरा के नेतृत्व में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में बाल संतों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

समागम में पटियाला ज़ोन की आठ संयोजक शाखाओं के अंतर्गत आने वाली 36 शाखाओं के बाल संतों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए स्किट, कविता, भाषण और विचार प्रस्तुति के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों के जरिए आध्यात्मिकता, नैतिकता और मानव मूल्यों से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश दिए।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों के लिए “खेले और सीखें”, सेल्फी पॉइंट तथा कार्टून आधारित शिक्षण गतिविधियों का विशेष प्रबंध किया गया। इन माध्यमों से बाल संतों को संत निरंकारी मिशन की शिक्षाओं और मानवीय मूल्यों से परिचित कराया गया। आयोजन का उद्देश्य बच्चों में ऐसे संस्कार विकसित करना था, जिससे वे सतगुरु के मार्गदर्शन में आगे बढ़ते हुए समाज और देश की सेवा में सकारात्मक योगदान दे सकें।

इस अवसर पर शिमला से पधारे श्री राम किशन जी ने सतगुरु का पावन आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे समागम केवल बच्चों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के लिए ही नहीं होते, बल्कि उनके जीवन में सेवा, प्रेम, अनुशासन, विनम्रता और मानवता जैसे गुणों को मजबूत बनाने का भी माध्यम हैं।

उन्होंने कहा कि यदि बच्चों को बचपन से ही अच्छे संस्कार मिल जाएं, तो वही बच्चे भविष्य में समाज को नई दिशा देने का कार्य करते हैं। संस्कारवान युवा ही एक सशक्त और आदर्श समाज की नींव रखते हैं।

समागम के दौरान बाल संतों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित संगत को भाव-विभोर कर दिया और यह संदेश दिया कि आध्यात्मिक एवं नैतिक शिक्षा से सुसज्जित नई पीढ़ी ही उज्ज्वल भविष्य का आधार बन सकती है।

कार्यक्रम में विभिन्न शाखाओं से आए बच्चों, अभिभावकों और श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा आयोजन की सराहना की। समागम ने बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उनमें सेवा, सद्भाव और मानवता के मूल्यों को और अधिक सुदृढ़ करने का कार्य किया।

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