राजपुरा, 21 जून (सुशील कुमार सिंधी)। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर संत निरंकारी मिशन एवं सेवा भारती द्वारा निरंकारी पार्क, राजपुरा में विशेष योग शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए विभिन्न योग क्रियाओं और आसनों का अभ्यास किया।
योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने ताड़ासन, भुजंगासन, वज्रासन तथा प्राणायाम सहित कई योगासन किए। इस दौरान योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों की जानकारी भी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि मानसिक शांति, सकारात्मक सोच और आत्मिक संतुलन का भी आधार है।
प्रेस से बातचीत करते हुए संत निरंकारी मिशन के प्रचारक राम चंद गोगिया तथा मास्टर आत्मा प्रकाश ने कहा कि योग मानव जीवन का अभिन्न अंग है। योग से शरीर निरोग एवं सुदृढ़ बनता है, जबकि परमात्मा के नाम का स्मरण आत्मा को शक्ति प्रदान कर जीवन को सही दिशा देता है। उन्होंने बताया कि संत निरंकारी मिशन हर वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को उत्साहपूर्वक मनाते हुए योग एवं आध्यात्मिकता का संदेश समाज तक पहुंचा रहा है।
उन्होंने कहा कि योग का वास्तविक अर्थ आत्मा और परमात्मा के मिलन से है, जो व्यक्ति को आंतरिक रूप से मजबूत और शांत बनाता है। सत्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के मार्गदर्शन में मिशन विश्वभर में प्रेम, भाईचारे, मानवता और आध्यात्मिक जागरूकता का संदेश फैला रहा है।
इस अवसर पर युवाओं को नशों से दूर रहने का संदेश भी दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज के लिए घातक है, जबकि योग, सत्संग और परमात्मा का स्मरण जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाकर व्यक्ति को स्वस्थ और अनुशासित जीवन जीने के लिए प्रेरित करता है।




