रिपोर्ट: डॉ. गौरव कुमार
Probationary District Correspondent (Stringer)
The Freeway Eagle
पंजाब: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) पंजाब के कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर संघर्ष को और तेज करने का निर्णय लिया है। विभिन्न जिलों के स्वास्थ्य संस्थानों से जुड़े कर्मचारियों की बैठक में सरकार से वर्षों से लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की गई। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
करीब 15 वर्षों से सेवाएं दे रहे एनएचएम कर्मचारियों ने बैठक में कहा कि उन्हें अभी तक नियमित नहीं किया गया है। कर्मचारियों ने सरकार से नियमितीकरण, वेतन वृद्धि, ग्रेच्युटी लागू करने तथा आयु सीमा बढ़ाने संबंधी अधिसूचना जल्द जारी करने की मांग उठाई।
बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय
- कर्मचारियों ने एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
- सरकार से लंबित मांगों का शीघ्र समाधान करने की अपील की गई।
- मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।
15 अगस्त को काला झंडा मार्च की चेतावनी
यूनियन के प्रमुख नेता गुरप्रीत भुल्लर (श्री मुक्तसर साहिब) और डॉ. वाहिद (मलेरकोटला) ने कहा कि सरकार को ठेका प्रथा से राहत देते हुए एनएचएम कर्मचारियों को नियमित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो 15 अगस्त को फिरोजपुर में मुख्यमंत्री पंजाब के विरोध में काले झंडों के साथ रोष मार्च निकाला जाएगा।
बैठक में पंजाब के विभिन्न जिलों से आए कई पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लेकर आंदोलन को मजबूत करने का संकल्प दोहराया।




