मोहाली, 18 अगस्त | नरिंदर चावला । सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के पावन आशीर्वाद से मोहाली फेस-6 स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन में विशाल सत्संग का आयोजन किया गया। सत्संग की अध्यक्षता संत निरंकारी मिशन के रोशन मीनार श्री वासदेव सिंह जी ने की। उन्होंने साध-संगत को मानव जीवन के उद्देश्य, ब्रह्मज्ञान और आध्यात्मिक जीवन के महत्व से अवगत करवाया।
श्री वासदेव सिंह जी ने कहा कि सतगुरु के आशीर्वाद से जब मनुष्य को निरंकार प्रभु-परमात्मा का ब्रह्मज्ञान प्राप्त होता है, तो उसके जीवन में सकारात्मक एवं आध्यात्मिक बदलाव आने लगता है। उन्होंने कहा कि गुरु के मिलाप से ही निरंकार से मिलाप संभव होता है। ब्रह्मज्ञान प्राप्त करने के बाद मनुष्य कण-कण में परमात्मा की मौजूदगी को अनुभव करने लगता है।
उन्होंने कहा कि सतगुरु मानवता के कल्याण और उत्थान के लिए संसार में आते हैं। आत्मा परमात्मा का ही अंश है और इस सत्य का बोध होने पर मनुष्य के जीवन की सोच, व्यवहार और दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन आने लगता है। वर्तमान समय में निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ब्रह्मज्ञान के माध्यम से मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त कर रही हैं।
सेवा, सुमिरण और सत्संग का महत्व
श्री वासदेव सिंह जी ने कहा कि ब्रह्मज्ञान से जीवन में भक्ति का संचार होता है और मनुष्य अपने जीवन को सही दिशा में आगे बढ़ाता है। उन्होंने सेवा, सुमिरण और सत्संग को आध्यात्मिक जीवन के महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि एक सच्चा गुरसिख इन तीनों को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाकर आध्यात्मिक उन्नति की ओर अग्रसर होता है।
साध-संगत का किया स्वागत
सत्संग से पूर्व चंडीगढ़ जोन के जोनल इंचार्ज ओ. पी. निरंकारी तथा मोहाली ब्रांच के इंचार्ज गुलशन लूथरा ने रोशन मीनार श्री वासदेव सिंह जी का स्वागत किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य अतिथियों एवं समस्त साध-संगत का अभिनंदन करते हुए सत्संग में सहभागिता के लिए सभी का आभार व्यक्त किया।





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