चंडीगढ़, 23 सितंबर (नरिंदर चावला)। नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और मजबूत करते हुए पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने बुधवार को यूटी सचिवालय, सेक्टर-9 में एंटी-ड्रग हेल्पलाइन नंबरों का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर चंडीगढ़ प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने नागरिकों से अपील की कि वे नशे की तस्करी और नशे के दुरुपयोग से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी प्रशासन और पुलिस तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन पर शिकायत करने वाले व्यक्ति की पहचान और संपर्क संबंधी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी तथा शिकायतों पर वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
नशे से संबंधित सहायता के लिए ये हेल्पलाइन नंबर
चंडीगढ़ में नशे से संबंधित जानकारी और सहायता के लिए प्रशासन की ओर से निम्न नंबर जारी किए गए हैं:
- 1933 – मानस हेल्पलाइन
- 9282040100 – एंटी-ड्रग हेल्पलाइन (मोबाइल)
- 0172-2677037 – एंटी-ड्रग हेल्पलाइन (लैंडलाइन)
घर-घर होगा सर्वे
प्रशासक ने बताया कि ड्रग-फ्री अभियान के अगले चरण में चंडीगढ़ में घर-घर जाकर सर्वे किया जाएगा। इसका उद्देश्य नशे से जुड़ी समस्याओं से प्रभावित व्यक्तियों और परिवारों की पहचान करना तथा उन्हें काउंसलिंग, उपचार और पुनर्वास सेवाओं से जोड़ना है।
स्वास्थ्य विभाग को ऐसी दवाओं की बिक्री पर भी कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं, जिनका दुरुपयोग किया जा सकता है। बिना पंजीकृत चिकित्सक के वैध प्रिस्क्रिप्शन के ऐसी दवाएं बेचने वाले आउटलेट्स के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नाइट क्लबों और पड़ोसी राज्यों पर भी नजर
मीडिया के सवालों के जवाब में प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि नाइट क्लबों के संचालन समय को नियंत्रित करने और वहां उपलब्ध पदार्थों की निगरानी के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय को और मजबूत किया जाएगा।
इसके अलावा, डि-एडिक्शन सेंटरों की संख्या बढ़ाने के संबंध में मौजूदा क्षमता और आवश्यकता का संबंधित विभागों के साथ आकलन किया जाएगा।
विशेष अभियान में 130 एफआईआर, 133 गिरफ्तार
चंडीगढ़ के डीजीपी सागर प्रीत हुड्डा ने बताया कि विशेष अभियान के तहत अब तक 130 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 133 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि करीब 359 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
नशे की तस्करी से जुड़े संभावित हॉटस्पॉट की पहचान कर उन्हें घेराबंदी के दायरे में लाया गया है। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण विभाग, चंडीगढ़ पुलिस और प्रशासन की विभिन्न एजेंसियां समन्वित रूप से काम कर रही हैं।
शिकायतों पर अलग-अलग स्तर पर होगी कार्रवाई
डीजीपी ने बताया कि नई हेल्पलाइन नागरिकों को नशे की तस्करी और अन्य नशे से संबंधित गतिविधियों की जानकारी साझा करने के लिए एक समर्पित मंच उपलब्ध कराएगी।
प्राप्त सूचनाओं को चार श्रेणियों में विभाजित कर उनके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। तत्काल और विश्वसनीय सूचनाओं पर एसएसपी की निगरानी में गठित विशेष टीम द्वारा तुरंत कार्रवाई की जाएगी, जबकि सामान्य शिकायतों को आगे की कार्रवाई के लिए एंटी-नारकोटिक टास्क फोर्स को भेजा जाएगा।
डीजीपी ने हेल्पलाइन को केवल एक फोन नंबर नहीं, बल्कि नशे के खिलाफ चंडीगढ़ पुलिस और नागरिकों की साझा प्रतिबद्धता का मंच बताया। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे विश्वसनीय जानकारी प्रशासन और पुलिस के साथ साझा करें और नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।




