मोहाली, 3 जुलाई (नरेंद्र चावला)। मोहाली के फेज-6 स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन में शुक्रवार प्रातः एक विशाल आध्यात्मिक सत्संग का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर सत्संग का लाभ प्राप्त किया तथा आध्यात्मिक वातावरण में गुरु वाणी का श्रवण किया।
सत्संग के दौरान केंद्रीय ज्ञान प्रचारक श्री बूटा सिंह जी (कोटकपूरा) ने संगत को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक श्रद्धालु को तन, मन और धन से सेवा, सिमरन एवं सत्संग करते हुए अपने जीवन को प्रभु भक्ति के मार्ग पर अग्रसर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की कृपा सदैव सभी श्रद्धालुओं पर बनी रहे तथा हम सभी उनके आदेशों का पालन करते हुए अपनी भक्ति को निरंतर मजबूत बनाएं।
उन्होंने अपने प्रवचनों में कहा कि प्रत्येक श्रद्धालु को पूरे मन से साध-संगत का सत्कार करना चाहिए। अहंकार से दूर रहने वाला व्यक्ति ही सच्चा भक्त होता है। सतगुरु की साध-संगत से जीवन में सुख, शांति और खुशहाली का संचार होता है तथा मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य भी पूर्ण होता है।
उन्होंने आगे कहा कि सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की शिक्षाएं मानवता, प्रेम, सेवा और भाईचारे का संदेश देती हैं। जो भक्त अपने मन पर विजय प्राप्त कर लेते हैं, उनका नाम युगों-युगों तक सम्मान के साथ लिया जाता है। इसलिए प्रत्येक श्रद्धालु को अपने जीवन में प्रेम, नम्रता, सेवा और मानवता के गुणों को अपनाकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करना चाहिए।
सत्संग के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से गुरु वचनों का श्रवण किया और आध्यात्मिक संदेशों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक एवं श्रद्धामय बना रहा।
कार्यक्रम के समापन पर चंडीगढ़ जोन के जोनल इंचार्ज श्री ओ.पी. निरंकारी जी तथा मोहाली ब्रांच के इंचार्ज श्री गुलशन लूथरा जी ने पधारी हुई साध-संगत का स्वागत किया। उन्होंने केंद्रीय ज्ञान प्रचारक श्री बूटा सिंह जी के मोहाली आगमन पर उनका हार्दिक अभिनंदन करते हुए सभी श्रद्धालुओं का धन्यवाद व्यक्त किया।
सत्संग में मोहाली एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आध्यात्मिक संदेशों का लाभ प्राप्त किया और मानवता, प्रेम, सेवा एवं सद्भाव का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।




