मुंबई। भारतीय शेयर बाजार के लिए पिछला सप्ताह काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। सप्ताह की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई, लेकिन बाद के कारोबारी सत्रों में बाजार ने शानदार रिकवरी दिखाई। वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, रुपये में कमजोरी और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच निवेशकों में सतर्कता बनी रही।
सप्ताह के अंत में बीएसई सेंसेक्स करीब 75,415 अंकों पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 ने 23,700 के ऊपर मजबूती दिखाई। बैंकिंग और IT सेक्टर में खरीदारी के चलते बाजार को सहारा मिला।
बैंकिंग शेयरों में जोरदार तेजी
पिछले सप्ताह सबसे ज्यादा चर्चा बैंकिंग सेक्टर की रही। खबरों के अनुसार RBI फिलहाल ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी के मूड में नहीं दिख रहा, जिससे निजी बैंकों के शेयरों में शानदार खरीदारी देखने को मिली। HDFC Bank, ICICI Bank और Axis Bank जैसे बड़े शेयरों में तेजी आई। बैंक निफ्टी एक दिन में लगभग 650 अंक तक उछल गया।
सप्ताह की शुरुआत रही कमजोर
सोमवार को बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली थी। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई और निवेशकों के करीब 7 लाख करोड़ रुपये डूब गए। इसकी मुख्य वजह बढ़ती बॉन्ड यील्ड, रुपये की कमजोरी और वैश्विक अनिश्चितता रही।
तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता
मध्य-पूर्व तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दिया। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई, जिससे महंगाई को लेकर चिंता बढ़ी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ती हैं तो बाजार पर दबाव बढ़ सकता है।
IT सेक्टर ने दी राहत
AI और टेक सेक्टर को लेकर चुनौतियों के बावजूद भारतीय IT कंपनियों में खरीदारी देखने को मिली। वैश्विक बाजारों में सुधार और अमेरिकी बाजारों की मजबूती से IT शेयरों को सपोर्ट मिला।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में निवेशकों की रुचि
बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही। कई छोटे और मध्यम शेयरों ने शानदार रिटर्न दिया, जिससे रिटेल निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है।
अगले सप्ताह कैसा रहेगा बाजार?
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले सप्ताह में बाजार की दिशा कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक घटनाक्रम, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और RBI के संकेतों पर निर्भर करेगी। निफ्टी के लिए 23,400 महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 24,000 का स्तर बड़ा रेजिस्टेंस बन सकता है।




