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लुधियाना पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई, अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़

लुधियाना, 15 मई 2026 | रिपोर्ट: नितिन:- पंजाब के लुधियाना में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस कमिश्नरेट लुधियाना ने एक अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह यूरोप और नॉर्थ अमेरिका के लोगों को निशाना बनाकर करोड़ों रुपये की ऑनलाइन ठगी को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी कर 132 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह अब तक का सबसे बड़ा साइबर फ्रॉड केस माना जा रहा है, जिसमें विदेशी नेटवर्क, हवाला चैनल और क्रिप्टोकरेंसी के इस्तेमाल के प्रमाण मिले हैं। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान लगभग 1 करोड़ 7 लाख रुपये नकद, 98 लैपटॉप, 229 मोबाइल फोन और 19 वाहन बरामद किए हैं। साथ ही 300 से अधिक बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है।

फर्जी माइक्रोसॉफ्ट अलर्ट से बनाते थे शिकार

जांच में सामने आया कि आरोपी विदेशी नागरिकों के कंप्यूटर पर माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के नाम से नकली वायरस और सिक्योरिटी चेतावनी दिखाते थे। स्क्रीन पर एक फर्जी कस्टमर केयर नंबर दिखाई देता था, जिस पर कॉल करने के लिए पीड़ितों को मजबूर किया जाता था।

जैसे ही पीड़ित कॉल करते थे, उनकी कॉल इंटरनेट आधारित डायलर एप्लीकेशन X-Lite Software के जरिए ठगों तक पहुंच जाती थी। इसके बाद आरोपी खुद को टेक्निकल सपोर्ट अधिकारी बताकर पीड़ितों से Ultra Viewer जैसे रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर डाउनलोड करवाते थे।

बैंक खाते हैक होने का डर दिखाकर करते थे ठगी

ठग पीड़ितों के सिस्टम में नकली स्कैन चलाकर उन्हें यह विश्वास दिलाते थे कि उनका बैंक अकाउंट, ईमेल या अन्य निजी जानकारी हैक हो चुकी है। इसके बाद खुद को बैंक अधिकारी बताने वाले गिरोह के सदस्य पीड़ितों को पैसे सुरक्षित करने के नाम पर अलग-अलग माध्यमों से रकम ट्रांसफर करवाते थे।

पुलिस के मुताबिक, गिरोह ठगी के लिए कई तरीके अपनाता था, जिनमें घर से नकद और सोने की पिकअप, Amazon और Apple Gift Cards खरीदवाना तथा फर्जी विदेशी खातों में वायर ट्रांसफर करवाना शामिल था। बाद में इस रकम को हवाला और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए भारत लाया जाता था।

हर दिन हजारों डॉलर की ठगी

प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि प्रत्येक ऑपरेटर प्रतिदिन 8 से 10 कॉल संभालता था। कर्मचारियों को फिक्स सैलरी के साथ परफॉर्मेंस इंसेंटिव भी दिए जाते थे। पुलिस अब गिरोह के मास्टरमाइंड, डिजिटल मनी ट्रेल, हवाला नेटवर्क और क्रिप्टो लिंक की जांच में जुटी हुई है।

आयकर विभाग भी जांच में शामिल

मामले की गंभीरता को देखते हुए आयकर विभाग को भी जांच में शामिल किया गया है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

लुधियाना पुलिस कमिश्नरेट ने कहा कि राज्य में साइबर अपराध और संगठित वित्तीय धोखाधड़ी के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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