HomeBusinessभारत के कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट सेक्टर को मिले नए अवसर, CII ICONEQ 2026...

भारत के कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट सेक्टर को मिले नए अवसर, CII ICONEQ 2026 में बड़ा मंथन

गुरुग्राम, 19 जून। (रिपोर्ट: नरेंद्र चावला):- भारत के तेजी से विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर और “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को गति देने के उद्देश्य से कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) हरियाणा द्वारा गुरुग्राम में CII इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट (ICONEQ 2026) के तीसरे संस्करण का आयोजन किया गया। सम्मेलन का विषय था “विकसित भारत 2047: भारत के अगली पीढ़ी के इंफ्रास्ट्रक्चर एवं कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट इकोसिस्टम का निर्माण”।

इस अवसर पर देश के प्रमुख निर्माण उपकरण निर्माता, तकनीकी विशेषज्ञ, कंपोनेंट सप्लायर और उद्योग जगत के प्रतिनिधि एक मंच पर एकत्र हुए और भारत के निर्माण उपकरण उद्योग के भविष्य, चुनौतियों और विकास की संभावनाओं पर चर्चा की।

लाभदायक, टिकाऊ और वैश्विक विकास की ओर बढ़े उद्योग

JCB इंडिया लिमिटेड के मुख्य परिचालन अधिकारी (COO) एवं CII ICONEQ 2026 के चेयरमैन सुनील खुराना ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट उद्योग अब ऐसे दौर में पहुंच चुका है जहां केवल विकास ही नहीं, बल्कि लाभदायक, टिकाऊ और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी विकास की आवश्यकता है।

उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा घोषित ₹12.2 लाख करोड़ के पूंजीगत व्यय का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में तेजी से विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स उद्योग के लिए अभूतपूर्व अवसर लेकर आए हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए अनुसंधान एवं विकास (R&D), ऑटोमेशन, नवाचार, कौशल विकास और विनिर्माण क्षमता में निवेश बढ़ाना होगा।

नवीकरणीय ऊर्जा और कृषि क्षेत्र में नए अवसर

सुनील खुराना ने कहा कि उद्योग को पारंपरिक निर्माण कार्यों से आगे बढ़ते हुए सौर ऊर्जा पार्क, नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं, कचरा प्रबंधन, वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट्स तथा आधुनिक कृषि उपकरणों जैसे क्षेत्रों में भी अवसर तलाशने चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारत के पास निर्माण उपकरण उद्योग में वैश्विक विनिर्माण एवं निर्यात केंद्र बनने की अपार संभावनाएं हैं और इसके लिए स्थानीयकरण तथा तकनीकी नेतृत्व को बढ़ावा देना होगा।

हरियाणा बन रहा है निर्माण उपकरण उद्योग का बड़ा केंद्र

CII हरियाणा के चेयरमैन और बोनी पॉलिमर्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक साकेत भाटिया ने कहा कि ICONEQ आज देश के निर्माण उपकरण उद्योग का एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा इस क्षेत्र के लिए एक प्रमुख विनिर्माण केंद्र के रूप में उभर रहा है। आने वाले वर्षों में उद्योग की वृद्धि स्थानीयकरण, डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग, तकनीक अपनाने, कौशल विकास और मजबूत सप्लाई चेन पर निर्भर करेगी।

भारत में हर साल बिक रहे हैं 1.5 लाख निर्माण उपकरण

CII हरियाणा के पूर्व चेयरमैन एवं सैंडन विकास (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अभिमन्यु शराफ ने कहा कि भारत में हाईवे, एयरपोर्ट, मेट्रो रेल, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और औद्योगिक कॉरिडोर का तेजी से विस्तार हो रहा है, जिससे निर्माण उपकरणों की मांग लगातार बढ़ रही है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में भारत में हर साल लगभग 1.5 लाख निर्माण उपकरण मशीनों की बिक्री होती है, जिनमें करीब 1 लाख बड़े उपकरण शामिल हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को देखते हुए इस उद्योग में अभी और भी व्यापक विकास की संभावनाएं मौजूद हैं।

स्मार्ट कंस्ट्रक्शन और ESG पर विशेष चर्चा

सम्मेलन के दौरान स्मार्ट एवं डिजिटल कंस्ट्रक्शन, सस्टेनेबिलिटी, ESG (पर्यावरण, सामाजिक और प्रशासनिक मानक), सप्लाई चेन मजबूती, स्थानीयकरण और वैश्विक प्रतिस्पर्धा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।

विशेषज्ञों ने माना कि नवाचार, तकनीकी उन्नयन और स्वदेशी विनिर्माण को बढ़ावा देकर भारत न केवल घरेलू मांग को पूरा कर सकता है, बल्कि वैश्विक बाजार में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकता है।

विकसित भारत 2047 की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

CII ICONEQ 2026 ने यह स्पष्ट किया कि भारत का कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट उद्योग देश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रहा है। उद्योग जगत का मानना है कि तकनीकी नवाचार, कौशल विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के बल पर भारत आने वाले वर्षों में निर्माण उपकरणों के क्षेत्र में विश्व के अग्रणी देशों में शामिल हो सकता है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments