नई दिल्ली, 5 जून 2026: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के अहम फैसले से पहले शुक्रवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूती के साथ खुला। शुरुआती कारोबार में रुपया 8 पैसे की बढ़त के साथ 95.71 प्रति डॉलर पर पहुंच गया, जिससे विदेशी मुद्रा बाजार में सकारात्मक माहौल देखने को मिला।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार निवेशकों की नजर पूरी तरह RBI के ब्याज दर संबंधी फैसले और गवर्नर के नीति वक्तव्य पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि केंद्रीय बैंक का रुख आने वाले दिनों में रुपये, शेयर बाजार और बॉन्ड मार्केट की दिशा तय कर सकता है।
RBI के फैसले का इंतजार
वित्तीय बाजार में इस समय सबसे बड़ा फोकस RBI की मौद्रिक नीति समीक्षा पर है। विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय बैंक महंगाई, आर्थिक विकास दर और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ब्याज दरों पर फैसला लेगा। यदि RBI दरों को स्थिर रखता है और भविष्य को लेकर सकारात्मक संकेत देता है, तो इससे रुपये को और मजबूती मिल सकती है।
विदेशी निवेश और वैश्विक संकेतों का असर
हाल के दिनों में विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम भारतीय मुद्रा को प्रभावित कर रहे हैं। इसके बावजूद शुक्रवार को रुपये की मजबूत शुरुआत ने बाजार में निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि विदेशी निवेश का प्रवाह बढ़ता है और कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं, तो आने वाले दिनों में रुपये की स्थिति और मजबूत हो सकती है।
शेयर बाजार पर भी नजर
रुपये की मजबूती का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिल सकता है। आयात आधारित कंपनियों को मजबूत रुपये से लाभ मिलता है, जबकि निर्यातकों पर इसका मिश्रित प्रभाव पड़ सकता है। निवेशक अब RBI के फैसले के बाद बाजार की अगली दिशा का इंतजार कर रहे हैं।
आगे क्या?
मौद्रिक नीति के नतीजों के बाद विदेशी मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि RBI की टिप्पणी और भविष्य की आर्थिक रणनीति पर निवेशकों की विशेष नजर रहेगी। फिलहाल रुपये की मजबूत शुरुआत को बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।




