नई दिल्ली, 5 जून। आयकर रिटर्न (ITR) भरने की तैयारी कर रहे करोड़ों करदाताओं के लिए महत्वपूर्ण खबर है। वित्त वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) के लिए आयकर विभाग ने अलग-अलग श्रेणी के करदाताओं के लिए अलग-अलग अंतिम तिथियां तय की हैं। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि आपकी आय के स्रोत के अनुसार ITR दाखिल करने की आखिरी तारीख क्या है।
सैलरीड कर्मचारियों के लिए 31 जुलाई अंतिम तिथि
यदि आप नौकरीपेशा हैं और ITR-1 या ITR-2 फॉर्म के तहत रिटर्न दाखिल करते हैं, तो आपके लिए ITR भरने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 है। अधिकांश वेतनभोगी कर्मचारी और पेंशनधारक इसी श्रेणी में आते हैं।
व्यापारियों और प्रोफेशनल्स को मिला अतिरिक्त समय
व्यवसाय करने वाले लोग, फ्रीलांसर, डॉक्टर, वकील, सीए और अन्य प्रोफेशनल्स जो ITR-3 या ITR-4 फॉर्म भरते हैं और जिनका ऑडिट आवश्यक नहीं है, वे 31 अगस्त 2026 तक अपना आयकर रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।
ऑडिट वाले मामलों के लिए अलग डेडलाइन
जिन व्यवसायों के खातों का टैक्स ऑडिट अनिवार्य है, उनके लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। वहीं ट्रांसफर प्राइसिंग से जुड़े मामलों में यह समय सीमा 30 नवंबर 2026 तक होगी।
F&O ट्रेडर्स जरूर रखें ध्यान
विशेषज्ञों का कहना है कि फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग करने वालों की आय को कई मामलों में बिजनेस इनकम माना जाता है। ऐसे में उनकी ITR फाइलिंग डेडलाइन सामान्य सैलरीड कर्मचारियों से अलग हो सकती है।
जल्दबाजी में रिटर्न दाखिल न करें
टैक्स एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि करदाताओं को Form 16, AIS और Form 26AS की पूरी जानकारी अपडेट होने तक इंतजार करना चाहिए। इससे रिटर्न में त्रुटि और डेटा मिसमैच की संभावना कम हो जाती है।
एक नजर में ITR फाइलिंग डेडलाइन
- सैलरीड कर्मचारी (ITR-1, ITR-2) – 31 जुलाई 2026
- बिजनेस/प्रोफेशनल (ITR-3, ITR-4) – 31 अगस्त 2026
- ऑडिट वाले मामले – 31 अक्टूबर 2026
- ट्रांसफर प्राइसिंग वाले मामले – 30 नवंबर 2026
करदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपनी आय की प्रकृति के अनुसार सही ITR फॉर्म का चयन करें और अंतिम तिथि से पहले रिटर्न दाखिल कर किसी भी जुर्माने या परेशानी से बचें।




