लुधियाना, 10 जून:- पंजाब राज्य कर विभाग (State Tax Department) ने लुधियाना में एक बड़े और संगठित GST धोखाधड़ी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 20 एफआईआर दर्ज की हैं। विभाग की जांच में सामने आया है कि फर्जी GST रजिस्ट्रेशन और नकली इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) चेन के माध्यम से सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा था।
लुधियाना डिवीजन की डीसीएसटी रणधीर कौर ने जानकारी देते हुए बताया कि विभाग द्वारा डेटा आधारित विशेष जांच अभियान चलाया गया, जिसमें GSTR-2A और GSTR-2B में दर्ज खरीद डेटा की तुलना ई-वे बिल रिकॉर्ड्स से की गई। जांच के दौरान कई संदिग्ध लेन-देन सामने आए, जिनमें माल या सेवाओं की वास्तविक आपूर्ति के बिना फर्जी टैक्स इनवॉइस जारी किए जा रहे थे।
फर्जी दस्तावेजों से हासिल किए गए GST नंबर
जांच में खुलासा हुआ कि कई फर्मों ने धोखाधड़ी और जाली दस्तावेजों के आधार पर GST पंजीकरण प्राप्त किए थे। कुछ मामलों में जिन व्यक्तियों के नाम पर फर्में दर्ज थीं, उन्होंने विभाग को स्पष्ट रूप से बताया कि उन्होंने कभी ऐसे किसी व्यवसाय के लिए आवेदन नहीं किया और न ही अपने दस्तावेजों के उपयोग की अनुमति दी थी।
विभाग को यह भी पता चला कि रजिस्ट्रेशन के दौरान इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर फर्जी आधार पहचान के जरिए हासिल किए गए थे, जबकि बैंक खातों की जानकारी भी सत्यापन में सही नहीं पाई गई।
नकली ITC के जरिए करोड़ों का खेल
अधिकारियों के अनुसार, यह नेटवर्क बिना किसी वास्तविक व्यापारिक गतिविधि के फर्जी टैक्स इनवॉइस तैयार कर विभिन्न कंपनियों को इनपुट टैक्स क्रेडिट उपलब्ध करवा रहा था। इन लाभार्थी फर्मों ने बाद में अपनी टैक्स देनदारियां कम करने के लिए इस फर्जी ITC का उपयोग किया।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कई संस्थाओं ने GST रिटर्न में बड़ी मात्रा में खरीद दिखायी, लेकिन उसके समर्थन में कोई वैध ई-वे बिल उपलब्ध नहीं था। इसी विसंगति ने पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में अहम भूमिका निभाई।
20 करोड़ रुपये से अधिक की रिकवरी
राज्य कर विभाग ने कार्रवाई करते हुए दोषी व्यक्तियों और फर्मों के खिलाफ 20 एफआईआर दर्ज की हैं। साथ ही, अब तक 20 करोड़ रुपये से अधिक की रिकवरी भी की जा चुकी है। यह राशि उन टैक्स देनदारियों की है जिन्हें फर्जी ITC के माध्यम से अवैध रूप से बचाया गया था।
विभाग ने दी सख्त चेतावनी
विभाग ने कहा है कि कारोबार को आसान बनाने के लिए दी जाने वाली GST रजिस्ट्रेशन सुविधा का कुछ तत्वों द्वारा दुरुपयोग किया जा रहा है। ऐसे मामलों में शामिल सभी फर्जी इकाइयों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राज्य कर विभाग ने स्पष्ट किया कि सरकारी राजस्व की सुरक्षा और GST व्यवस्था की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए टैक्स चोरी तथा फर्जी ITC नेटवर्क के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।




