चंडीगढ़ | 2 नवंबर 2026
पंजाब की राजनीति में बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया है। आम आदमी पार्टी (AAP) को लगातार तीन विधायकों से जुड़े इस्तीफों और पार्टी छोड़ने की घोषणाओं के कारण झटका लगा है। इन घटनाओं ने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा और समाना से विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने 1 नवंबर को आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ने की घोषणा की। वहीं, अमृतसर नॉर्थ से विधायक एवं पूर्व IPS अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने 2 नवंबर को विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा की।
कुंवर विजय प्रताप सिंह का इस्तीफा चर्चा में
कुंवर विजय प्रताप सिंह ने अपने फैसले के साथ पंजाब में नशे, गैंगस्टरवाद, फिरौती और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि पंजाब में स्वच्छ राजनीति और पारदर्शी प्रशासन की आवश्यकता है। उन्होंने अपने विधायक कार्यकाल के दौरान निर्धारित लक्ष्यों का लगभग 90 प्रतिशत पूरा करने का भी दावा किया।
दो अन्य विधायकों ने भी छोड़ी AAP
इससे पहले हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने भी पार्टी से अलग होने का ऐलान किया था। दोनों नेताओं के फैसले को पंजाब की सत्तारूढ़ पार्टी के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।
मीडिया रिपोर्टों में इन नेताओं के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की खबरें भी सामने आई हैं। हालांकि, पार्टी में औपचारिक रूप से शामिल होने और विधानसभा से इस्तीफे की स्वीकृति की स्थिति की अलग से पुष्टि जरूरी है।
2027 चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल
पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे समय में आम आदमी पार्टी के तीन विधायकों से जुड़े घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में नई चर्चा शुरू कर दी है। आने वाले दिनों में इन नेताओं की अगली राजनीतिक रणनीति और विभिन्न दलों की प्रतिक्रिया पर सभी की नजर रहेगी।
द फ्रीवे ईगल की नजर पंजाब की राजनीति से जुड़े हर बड़े घटनाक्रम पर बनी हुई है।




