नई दिल्ली: देशभर में एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम जनता की चिंता बढ़ा दी है। तेल कंपनियों ने शनिवार को पेट्रोल और डीजल के दामों में नई बढ़ोतरी लागू कर दी। पिछले 10 दिनों में यह तीसरी बार है जब ईंधन की कीमतों में इजाफा किया गया है। लगातार बढ़ती कीमतों का सीधा असर आम लोगों के बजट और रोजमर्रा के खर्चों पर पड़ रहा है।
इस बार पेट्रोल की कीमत में करीब 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल में लगभग 91 पैसे प्रति लीटर तक बढ़ोतरी की गई है। इससे पहले 15 मई और 19 मई को भी तेल कंपनियों ने दाम बढ़ाए थे। लगातार तीसरी बार हुई इस वृद्धि ने महंगाई को लेकर लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।
बड़े शहरों में पेट्रोल-डीजल के नए रेट
नई कीमतों के बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल लगभग 100 रुपये प्रति लीटर के करीब पहुंच गया है, जबकि डीजल भी 92 रुपये प्रति लीटर से ऊपर बिक रहा है। मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे महानगरों में पेट्रोल पहले ही 100 रुपये के पार चल रहा है।
प्रमुख शहरों के अनुमानित रेट:
- दिल्ली – पेट्रोल ₹99.51, डीजल ₹92.49
- मुंबई – पेट्रोल ₹108+, डीजल ₹95+
- चेन्नई – पेट्रोल ₹105+
- कोलकाता – पेट्रोल ₹110 के करीब
क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?
विशेषज्ञों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक तनाव के कारण भारत में ईंधन महंगा हो रहा है। तेल कंपनियों पर बढ़ती लागत का असर सीधे आम जनता पर पड़ रहा है। आने वाले दिनों में यदि कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ती हैं तो पेट्रोल-डीजल के रेट में फिर इजाफा हो सकता है।
आम आदमी पर क्या होगा असर?
पेट्रोल और डीजल महंगे होने का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से फल-सब्जियों, राशन, दूध और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। ऐसे में आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ना तय माना जा रहा है।
सोशल मीडिया पर भी लोगों का गुस्सा
लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों को लेकर सोशल Media पर भी लोग सरकार और तेल कंपनियों पर सवाल उठा रहे हैं। कई यूजर्स ने बढ़ती महंगाई को लेकर चिंता जताई है और राहत की मांग की है।




