खन्ना। खन्ना के सरकारी अस्पताल में सफाई सेवकों ने रेगुलर करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारियों ने अस्पताल परिसर में धरना देकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। हड़ताल के कारण अस्पताल की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
धरने पर बैठे सफाई सेवकों ने कहा कि वे लंबे समय से ठेकेदारी व्यवस्था के तहत अस्पताल में सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें नियमित नहीं किया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि कई वर्षों से सेवा देने के बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा।
सफाई व्यवस्था पर पड़ा असर
सफाई सेवकों की हड़ताल का असर अस्पताल की व्यवस्था पर साफ दिखाई दिया। अस्पताल के विभिन्न हिस्सों और वार्डों में नियमित सफाई प्रभावित रही। इमरजेंसी वार्ड में भी सफाई व्यवस्था बाधित होने से अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों की चिंता बढ़ गई।
कर्मचारियों ने कहा कि सरकारी अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में सफाई व्यवस्था का प्रभावित होना गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग भी उठाई।
वर्षों से रेगुलर करने की मांग
धरने पर बैठे सफाई सेवकों ने आरोप लगाया कि वे लंबे समय से अपनी सेवाओं को नियमित करने की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में कई बार अधिकारियों और संबंधित विभागों के समक्ष अपनी बात रखी गई, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं हुआ।
कर्मचारियों का कहना है कि ठेकेदारी व्यवस्था में काम करने के कारण उन्हें नौकरी की सुरक्षा और नियमित कर्मचारियों जैसी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। इसी कारण उन्होंने अब अनिश्चितकालीन हड़ताल का फैसला लिया है।
भूख हड़ताल की चेतावनी
सफाई सेवकों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांग पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार और प्रशासन ने उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
कर्मचारियों ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वे भूख हड़ताल भी शुरू कर सकते हैं।
अब सभी की नजरें अस्पताल प्रशासन और सरकार के अगले कदम पर हैं। एक ओर सफाई सेवक नियमित करने की मांग को लेकर आंदोलन पर हैं, वहीं दूसरी ओर अस्पताल में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से मरीजों की परेशानी बढ़ रही है। ऐसे में प्रशासन के सामने कर्मचारियों की मांग और अस्पताल की सफाई व्यवस्था दोनों को जल्द संभालने की चुनौती है।
रिपोर्ट: द फ्रीवे ईगल | खन्ना




