चंडीगढ़, 14 मई 2026 | The Freeway Eagle | रिपोर्ट: नितिन:- पंजाब में होने जा रहे नगर निगम और नगर परिषद चुनावों को लेकर बड़ा बदलाव सामने आया है। इस बार राज्य में मतदान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की बजाय पारंपरिक बैलेट पेपर और बैलेट बॉक्स के माध्यम से कराया जा रहा है। पंजाब राज्य चुनाव आयोग के इस फैसले के बाद राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है और विपक्षी दलों ने सरकार पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
राज्य चुनाव आयोग के अनुसार, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) से समय पर EVM मशीनें उपलब्ध नहीं हो पाने के कारण यह निर्णय लिया गया। आयोग ने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई जाएगी तथा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
जानकारी के मुताबिक पंजाब में 8 नगर निगम, 76 नगर परिषद और 21 नगर पंचायतों में चुनाव कराए जा रहे हैं। मतदान के लिए हजारों बैलेट बॉक्स तैयार किए गए हैं और राज्यभर में करीब 4 हजार से अधिक पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। चुनाव अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है ताकि बैलेट पेपर मतदान प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी हो सके।
इस फैसले के बाद भाजपा ने पंजाब सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। भाजपा नेताओं का आरोप है कि बैलेट पेपर से चुनाव कराने पर धांधली और फर्जी वोटिंग की संभावना बढ़ सकती है। पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने राज्य चुनाव आयोग से मुलाकात कर EVM के इस्तेमाल की मांग उठाई।
वहीं आम आदमी पार्टी सरकार और चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि बैलेट पेपर प्रणाली भारत में पहले भी सफलतापूर्वक इस्तेमाल होती रही है और इस बार भी चुनाव निष्पक्ष तरीके से कराए जाएंगे। आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील की है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ये स्थानीय निकाय चुनाव 2027 पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले जनता का मूड तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। यही कारण है कि सभी प्रमुख पार्टियां पूरी ताकत के साथ चुनाव मैदान में उतर चुकी हैं।
पंजाब में बैलेट पेपर से हो रही वोटिंग को लेकर जनता में भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे पारदर्शी प्रक्रिया बता रहे हैं तो कुछ इसे पुराने दौर में लौटने जैसा मान रहे हैं। अब सबकी नजर चुनाव परिणामों पर टिकी हुई है।




