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चंडीगढ़ में बाल समागम: बच्चों ने दिए संस्कार और प्रभु भक्ति के प्रेरक संदेश

चंडीगढ़, 28 जून (नरेंद्र चावला) संत निरंकारी सत्संग भवन, सेक्टर-30, चंडीगढ़ में आयोजित भव्य बाल समागम में बच्चों ने भजन, गीत, नाटिका एवं प्रेरणादायक प्रस्तुतियों के माध्यम से संस्कार, शिक्षा, सेवा, सिमरन और प्रभु भक्ति का प्रभावशाली संदेश दिया। बाल संतों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया और सभी ने उनकी प्रतिभा एवं आध्यात्मिक सोच की सराहना की।

इस अवसर पर ज्ञान प्रचारक महात्मा श्री पवन कुमार जी (मुखी एरिया-40) ने बच्चों एवं संगत को आशीर्वचन देते हुए कहा कि मंच पर प्रस्तुत किए गए आध्यात्मिक संदेश केवल कार्यक्रम तक सीमित न रहें, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन और व्यवहार का हिस्सा बनें। उन्होंने निरंकार प्रभु से प्रार्थना की कि सभी गुरु की शिक्षाओं को अपनाकर आदर्श एवं भक्तिमय जीवन व्यतीत करें।

उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि जिस उत्साह और समर्पण के साथ उन्होंने कार्यक्रम प्रस्तुत किया है, उसी प्रकार उन्हें निरंतर सत्संग से जुड़े रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सत्संग आध्यात्मिक उन्नति के साथ-साथ श्रेष्ठ संस्कारों और अनुशासित जीवन की आधारशिला भी है। उन्होंने बच्चों से सप्ताह में नियमित रूप से सत्संग, विशेषकर रविवार के सत्संग में अवश्य शामिल होने का आग्रह किया।

श्री पवन कुमार जी ने कहा कि निरंकारी बच्चों की पहचान उनके उत्तम संस्कार, अनुशासन, माता-पिता एवं शिक्षकों के प्रति सम्मान तथा पढ़ाई के प्रति समर्पण से होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में होने वाली पेरेंट्स-टीचर मीटिंग के दौरान शिक्षकों द्वारा बच्चों के अनुशासन, परिश्रम और उत्कृष्ट व्यवहार की प्रशंसा ही सत्गुरु की शिक्षाओं का वास्तविक प्रचार है।

उन्होंने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. के. आर. नारायणन के संघर्षपूर्ण विद्यार्थी जीवन का प्रेरक प्रसंग साझा किया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद निरंतर परिश्रम, गुरुजनों का सम्मान और शिक्षा के प्रति समर्पण ही व्यक्ति को महान बनाता है। उन्होंने बच्चों से सत्संग, सेवा, सिमरन, श्रेष्ठ शिक्षा और अच्छे संस्कारों को जीवन का अभिन्न अंग बनाकर समाज एवं राष्ट्र के आदर्श नागरिक बनने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के अंत में निरंकार प्रभु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए सभी बच्चों के उज्ज्वल, संस्कारवान एवं आध्यात्मिक जीवन की कामना की गई।

इससे पूर्व स्थानीय संयोजक श्री नवनीत पाठक जी ने कार्यक्रम में उपस्थित ज्ञान प्रचारक महात्मा श्री पवन कुमार जी, जोनल इंचार्ज श्री ओ.पी. निरंकारी जी, बाल संगत के इंचार्ज, सेवादल अधिकारियों तथा सभी श्रद्धालुओं का धन्यवाद व्यक्त किया।

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