चंडीगढ़, 12 अगस्त |नरिंदर चावला । स्वतंत्रता दिवस के मद्देनज़र चंडीगढ़ पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए आईएसबीटी सेक्टर-17 में व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की। ऑपरेशन सेल की ओर से किए गए इस अभ्यास में पुलिस और विभिन्न आपदा राहत एजेंसियों की तत्परता, आपसी समन्वय और आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया को परखा गया।
मॉक ड्रिल के दौरान आईएसबीटी के काउंटर नंबर-6 पर संदिग्ध विस्फोटक होने की सूचना का काल्पनिक परिदृश्य तैयार किया गया। सूचना मिलते ही ऑपरेशन सेल के कमांडो ने क्षेत्र को घेरकर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की। इसके बाद हिट टीम, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वाड ने संयुक्त रूप से तलाशी अभियान चलाया।
तलाशी के दौरान काउंटर नंबर-6 से डमी आईईडी बरामद की गई। इसके बाद पूरे क्षेत्र की दोबारा गहन जांच की गई और परिसर को सुरक्षित घोषित किया गया।
मॉक ड्रिल में ऑपरेशन सेल की क्विक रिएक्शन टीम (QRT), पीसीआर, डायल-112, फायर ब्रिगेड, सिविल डिफेंस, बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वाड, मोबाइल फोरेंसिक टीम, जिला अपराध शाखा, क्राइम ब्रांच, सेक्टर-17 थाना पुलिस, एसडीपीओ सेंट्रल सहित अन्य संबंधित टीमों ने भाग लिया। इसके अलावा जीएमएसएच-16 और पुलिस अस्पताल सेक्टर-26 की एम्बुलेंस सेवाओं ने भी अभ्यास में सक्रिय भूमिका निभाई।
अभ्यास के दौरान सभी टीमों ने आपसी समन्वय और त्वरित कार्रवाई का प्रदर्शन किया। बरामद डमी आईईडी को निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत पुलिस लाइन सेक्टर-26 के खुले मैदान में सुरक्षित तरीके से ले जाकर निष्प्रभावी किया गया।
इसके बाद आईएसबीटी परिसर की अंतिम तलाशी ली गई और मॉक ड्रिल को सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
चंडीगढ़ पुलिस के अनुसार, इस तरह की मॉक ड्रिल समय-समय पर आयोजित की जाती हैं, ताकि विभिन्न सुरक्षा एवं आपदा राहत एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल कायम रहे और किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में प्रभावी ढंग से कार्रवाई की जा सके। इन अभ्यासों का उद्देश्य शहरवासियों की सुरक्षा को और मजबूत करना है।




