खन्ना | 29 जून 2026:- खन्ना प्रशासन ने फर्जी और मैनुअल एनओसी (NOC) के आधार पर हुई जमीन की खरीद-फरोख्त के मामलों में बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है। उपमंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) स्वाति तिवाना ने ऐसे मामलों में शामिल विवादित जमीनों की आगे होने वाली बिक्री और रजिस्ट्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं। इसके साथ ही संबंधित जमीनों की जमाबंदियों में आवश्यक रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
डीएसपी को भेजी जा चुकी है जांच रिपोर्ट
एसडीएम स्वाति तिवाना द्वारा सब-रजिस्ट्रार, खन्ना को जारी आदेश में बताया गया है कि फर्जी और मैनुअल एनओसी के आधार पर हुई जमीन की रजिस्ट्रियों की जांच पूरी कर उसकी रिपोर्ट पहले ही उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) खन्ना को कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी जा चुकी है। मामले की जांच पुलिस द्वारा आगे भी जारी रहेगी।
विवादित जमीनों की बिक्री और रजिस्ट्री पर तत्काल रोक
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन फर्जी या मैनुअल एनओसी के आधार पर जमीन की खरीद या बिक्री हुई है, उन सभी जमीनों की आगे किसी भी प्रकार की बिक्री, रजिस्ट्री अथवा स्वामित्व हस्तांतरण पर तत्काल प्रभाव से रोक रहेगी।
एसडीएम ने सब-रजिस्ट्रार को निर्देश दिए हैं कि ऐसी किसी भी विवादित जमीन से संबंधित नया बिक्री दस्तावेज, बैनामा या रजिस्ट्री किसी भी परिस्थिति में पंजीकृत न की जाए।
जमाबंदियों में दर्ज होंगे विशेष इंदराज
आदेश में यह भी कहा गया है कि जिन जमीनों के संबंध में फर्जी या मैनुअल एनओसी के इस्तेमाल की पुष्टि हो चुकी है अथवा जांच में ऐसे तथ्य सामने आए हैं, उनकी जमाबंदियों में आवश्यक रिपोर्ट और राजस्व इंदराज दर्ज किए जाएं। इसका उद्देश्य भविष्य में किसी भी अवैध लेन-देन को रोकना और सरकारी रिकॉर्ड को सुरक्षित रखना है।
खरीदारों को धोखाधड़ी से बचाने की पहल
एसडीएम स्वाति तिवाना ने कहा कि यह फैसला आम लोगों के हितों की रक्षा के लिए लिया गया है। यदि विवादित जमीनों की आगे खरीद-फरोख्त जारी रहती है तो निर्दोष खरीदार आर्थिक और कानूनी परेशानी में फंस सकते हैं। इसलिए समय रहते इन जमीनों पर रोक लगाना आवश्यक था।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आदेशों का तुरंत पालन सुनिश्चित किया जाए ताकि किसी भी विवादित संपत्ति का दोबारा लेन-देन न हो सके।
फर्जी दस्तावेज बनाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी प्रक्रिया का दुरुपयोग करने, फर्जी दस्तावेज तैयार करने या मैनुअल एनओसी के माध्यम से अवैध तरीके से जमीन की खरीद-फरोख्त करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर संबंधित लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जमीन खरीदने से पहले करें दस्तावेजों की पूरी जांच
एसडीएम स्वाति तिवाना ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी जमीन की खरीद से पहले संबंधित एनओसी, राजस्व रिकॉर्ड, जमाबंदी और अन्य सभी आवश्यक दस्तावेजों की पूरी तरह जांच अवश्य कराएं। यदि किसी दस्तावेज या जमीन को लेकर कोई संदेह हो तो संबंधित राजस्व विभाग या प्रशासनिक अधिकारियों से पुष्टि करने के बाद ही लेन-देन करें।
उन्होंने कहा कि पारदर्शी, निष्पक्ष और कानूनसम्मत प्रशासन सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। सरकारी रिकॉर्ड के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा या हेराफेरी के मामलों में प्रशासन ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रहा है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।




